Saturday, 27 October 2018


GOONTHA VILLAGE


Goontha Village, with population of 540 is Keshoraipatan sub district's the 42nd least populous village, located in Keshoraipatan sub district of Bundi district in the state Rajasthan in India. Total geographical area of Goontha village is 9 km2 and it is the 18th biggest village by area in the sub district. Population density of the village is 61 persons per km2.
Nearest town of the village is Lakheri and distance from Goontha village to Lakheri is 19 km. Pin code of Goontha village is 323803. Keshoraipatan is the sub district head quarter and the distance from the village is 40 km. District head quarter of the village is Bundi which is 40 km away. 4.06 square kilometer (46%) of the total village's area is covered by forest.

Demographics

The village is home to 540 people, among them 288 (53%) are male and 252 (47%) are female. 66% of the whole population are from general caste, 10% are from schedule caste and 24% are schedule tribes. Child (aged under 6 years) population of Goontha village is 13%, among them 59% are boys and 41% are girls. There are 119 households in the village and an average 5 persons live in every family.

Caste wise male female population 2011 - Goontha

TotalGeneralSchedule CasteSchedule TribeChild
Total5403585512770
Male288193286741
Female252165276029

Growth of population

Population of the village has increased by 6.9% in last 10 years. In 2001 census total population here were 505. Female population growth rate of the village is 8.2% which is 2.3% higher than male population growth rate of 5.9%. General caste population has increased by 15.1%; Schedule caste population has increased by 5.8%; Schedule Tribe population has decreased by -10.6% and child population has decreased by -32.7% in the village since last census.

Growth of population (percent) 2001 to 2011 - Goontha

TotalGeneralSchedule CasteSchedule TribeChild
Total7156-11-33
Male616-10-10-33
Female81529-12-33

Sex Ratio - Females per 1000 Male

As of 2011 census there are 875 females per 1000 male in the village. Sex ratio in general caste is 855, in schedule caste is 964 and in schedule tribe is 896. There are 707 girls under 6 years of age per 1000 boys of the same age in the village. Overall sex ratio in the village has increased by 18 females per 1000 male during the years from 2001 to 2011. Child sex ratio here has increased by 2 girls per 1000 boys during the same time.

Change in sex ratio 2001 to 2011 - Goontha

TotalGeneralSCSTChild
Change18-7287-232
2011875855964896707
2001857862677919705

Literacy

Total 243 people in the village are literate, among them 173 are male and 70 are female. Literacy rate (children under 6 are excluded) of Goontha is 52%. 70% of male and 31% of female population are literate here. Overall literacy rate in the village has increased by 7%. Male literacy has gone down by -2% and female literacy rate has gone up by 17%.

Change in literacy rate 2001 to 2011 - Goontha

TotalMaleFemale
Change7-217
2011527031
2001457214

Workers profile

Goontha has 52% (283) population engaged in either main or marginal works. 53% male and 51% female population are working population. 44% of total male population are main (full time) workers and 9% are marginal (part time) workers. For women 2% of total female population are main and 49% are marginal workers.

Percentage of working population - Goontha

WorkerMain WorkerMarginal WorkerNon Worker
Total52252848
Male5444947
Female5124949

Friday, 2 June 2017

Welcome to Goontha


Dekho or Jaano 
में 
स्वागत है आपका  

सभी दोस्तों को एक बार फिर मेरा नमस्कार। 


दोस्तों अब हम गांव के इतिहास  बारे में जानेंगे।  यह  आपके लिए बहुत ही दिलचस्प कहानी होगी।
यह इतिहास हैं एक छोटे से गांव का। यह गांव एक छोटी पहाड़ी के ऊपर बसा हुआ  है जो रणथम्भोर सेंचुरी में आता है।  इस गांव में कम ही लोग रहते है। यह गांव भारत देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान के बूंदी जिले में गेण्डोली के पास पड़ता है। इसका पुराना नाम गनपतगढ़  था। वर्तमान में इसको गुंथा के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में यह गांव दो  भागों में में बटा हुआ है। निचे का भाग झोंपड़ा के नाम से जाना जाता है और दोनों भाग मिलकर गुंथा के नाम से जाने जाते है। 
    

 यह मध्य  काल के समय सौलंकी राजपरिवार की राजधानी रही है। यह सब यहां रखे शिलालेखों से  चलता है।  यहां मध्य कालीन मंदिर भी बने हुए है।  बरसात के दिनों में यह गांव बहुत ही खूबसूरत नज़र आता है.



यदि प्राचीन समय  की बात की जाय तो यहां के लोगो का रहन सहन सामान्य था।  लोक कहावतों के अनुसार यह पता चलता है की   सभी लोग आपस में मिल जुल कर रहते थे यहां पर भी राजा हुआ करते थे लेकिन इनका लिखा लेख मौजूद नहीं है।  सोलंकी राजाओ और विदेशी आक्रमणों के कारण यहां का जन जीवन बहुत अस्त व्यस्त था।  सोलंकी राजाओ ने महल आदि बनवाए लेकिन वर्तमान समय में उनके कुछ अवशेष ही रह गए। कहा जाता है की इन महलो के पास गांव का हाट भरा जाता था।  इस हाट में दूर दूर से लोग आते थे।  सोलंकियो के ही काल में इस तालाब का पक्का निर्माण शुरू किया गया। इस तालाब के निर्माण में बड़े बड़े शिलाओं का प्रयोग किया गया था। वर्तमान में सरकार के द्वारा इस तालाब का जीर्णोद्धार किया गया है क्युकी यह पूरी तरह से जीर्ण हो चूका था।  इसके बाद अब पुरानी बनावट अब देखने को नहीं मिलेगी।  

                           थोड़े समय बाद यहां पर हाड़ाओं का अधिकार हो गया था। हाड़ाओं के समय ही यहां पर एक  तालाब का निर्माण कार्य पूरा हुआ था। तालाब के निर्माण में हाड़ाओं का विशेष योगदान था। क्योकि अधिकतर मूर्तिया व शिलालेख तालाब के किनारे इन्ही के मिलते है।
बाबा हाड़ा जी 


तालाब के किनारे एक राजा का चबूतरा है जिसमे उनकी मूर्ति स्थापित है।  इस मूर्ति में घोड़े पर सवार राजा, हाथ में भाला लिए हुए तथा इसके आगे इनकी चार ओरतो का चित्र है। और इस चबूतरे को बाबा हाड़ा जी के नाम से जाना जाता है। इस मूर्ति के नीचे कुछ लिखा हुआ है जिसको पढ़ा नहीं जा सका। 

इसी जगह के थोड़ी दूरी  पर एक समाधी बनी हुई है। इस जगह को बाबा लांगड़ा जी के नाम से जाना जाता है। 




 अगर तालाब की बात की जाय तो यह 120 बीघा पर फैला हुआ है। इसमें बरसात का पानी आता है।  जब यह पूरी तरह भर जाता है तब बहुत ही मनमोहक देखने लायक नज़ारा बन जाता है।
तालाब का विहंगम नज़ारा 

गुंथा जल प्रपात 



                      इस तालाब में ऊपर पहाड़ी से पानी लाने के लिए मोर व गज नामक दो लोगो के द्वारा बड़ी बड़ी शिलाओं को काटकर नाले का निर्माण किया गया जिसको मोरगज  के नाम से जाना जाता है। एक ओर प्रमाण यह भी है की इस मोरगज के अंदर एक बड़ी चट्टान पर शैलचित्र भी देखने को मिलता है। इस शैलचित्र में मोर व हाथी का चित्र है। सम्भवतः इस नाले को इसी नाम से जाना जाता हो। इनके अलावा यहां पर एक दहाड़ते शेर, बैठा बंदर और मान शब्द भी मिलता है। 
इस मोरगज को गुंथा जल प्रपात के नाम से भी जाना जाता है। बारिश के दिनों में यह झरने की तरह बहने लगता है। 



इस तालाब के निर्माण से पहले, तालाब के मध्य में एक छतरी  बनी हुई  है जो वर्तमान समय में मिटटी में दब गयी है। इस छतरी का निर्माण सोलंकी राजाओ से भी पहले का है। तालाब के उत्तरी छोर पर पहाड़ी के ऊपर सोलंकी राजाओ का निवास स्थान था। उनके द्वारा बनवाए गए महल थे। लेकिन इस समय तो उनके खंडित महल ही है जो पूरी तरह से नष्ट हो गए है। 
हाड़ाओं द्वारा निर्मित महल 
                                                                      
 इनके बाद आये हाड़ाओं  ने दूसरी जगह पर महल का निर्माण करवाया। इस महल के दो भाग है।  एक भाग में राजा व  रानी का निवास था। यह दो मंजिला बना हुआ है तथा दूसरे भाग में अन्य कार्य होते थे। महल के पास में एक ऊँचा प्रहरी चबूतरा बना हुआ है जिसके द्वारा दूर दूर की गतिविधियों पर नज़र रखी जाती थी। थोड़ी दुरी पर ठाकुरजी के मंदिर के पीछे एक और चबूतरा बना हुआ है।  इसमें गांव के पंच अपने फैसले सुनाते थे। 




गांव के बाहर युद्ध लड़ने के लिए एक बहुत बड़ा रणक्षेत्र है।  इसमें बहुत सारी प्रतिमाएं पड़ी हुई है। इन प्रतिमाओं में युद्ध के दृश्यों को दिखाया गया है।  इन  प्रतिमाओं को देवळा के नाम से जाना जाता है तथा इस जगह को देवरालो के नाम से जाना जाता है। वर्तमान समय में यह जगह वनविभाग में आरक्षित है।




मंडी के महादेवजी 
हाड़ाओं के समय यहां गांव में  एक महादेवजी का मंदिर बनवाया गया जिसको मंडी के महादेवजी के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर भी अभी तक उसी शैली बना हुआ है जिसमें इसको बनाया गया था।  इसका अभी जीर्णोद्धार नहीं किया गया है।






गांव के उत्तरी छोर पर पहाड़ी पर दो चूने की भट्टियां भी है। इन  भट्टियों के द्वारा सोलंकी और हाड़ाओं के समय तालाब के निर्माण के लिए चूना  बनाया जाता था।

तालाब के किनारे मेघवाल जाति  सती माँ का चबूतरा भी बना हुआ है।  गुंथा मोड़ के पास तालाब के किनारे पीर बाबा की मस्जिद भी बनी हुई  है। इससे यह पता चलता है की गांव में उस ज़माने में भी साम्प्रदायक समाज था और आज भी है।

गांव के दोनों भागो के मध्य, श्मसान घाट के पास एक चबूतरा बना हुआ है जिसको हड़ताल चबूतरे के नाम से जाना जाता है।  कहा जाता है की यहां  पर लोग बैठ कर राजा के खिलाफ धरना देते थे। इस चबूतरे में महादेवजी की पिंड है।

गांव के उत्तरी भाग पर खानों के पास एक और चबूतरा बना हुआ है जिसको बाबा काला  जी के नाम से जाना जाता है। 

गांव के बीचों बीच ठाकुरजी का मंदिर बना हुआ है। इसमें राधा कृष्ण जी की  बेशकीमती मूर्ति रखी हुई है। इस मंदिर का निर्माण भी हाड़ाओं के द्वारा किया गया था।


गांव के पीछे की तरफ एक छोटी सी पहाड़ी है जिसको फुटिया मंदिर की डूंगरी कहा जाता है। यहा  पर सौलंकी राज परिवार से भी पहले का एक छोटा सा मंदिर बना हुआ था। अब तो इस मंदिर के अवशेष ही मिलते है। इस मंदिर का झण्डा रोपने का पीछे का भाग  वर्तमान में तेजाजी के चबूतरे के पीछे लगा हुआ है।

कहा जाता है की एक बार इन्द्रगढ़  के  राजा की बेटी का विवाह बूंदी के राजकुमार के साथ हुआ तो वह जब भी इस मार्ग से गुजरती थी, तो उसको रास्ते में पानी पीने की समस्या होती थी। और इसी रानी के द्वारा तालाब के के किनारे सगसजी महाराज के सामने एक बावड़ी का निर्माण करवाया गया।
         




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धन्यवाद 
गुंथा गांव एक छोटा सा गांव  है जो अरावली पर्वतमाला की आडावाला पर्वत श्रेणी के निचे बसा है


LOCATION 

                         लॉकेशन  देखने  के  लिए  क्लिक  करें  -   Google Map

          VILLAGE  :-          GOONTHA (गुँथा )
          POST          :-         GENDOLI (गेण्डोली )
          TEHSIL      :-         K. PATAN (के. पाटन )
           DIST.          :-        BUNDI (बूँदी )
          STATE        :-    RAJASTHAN (राजस्थान )
          COUNTRY :-        INDIA (भारत )
         PLANET  :-           EARTH (पृथ्वी )
O

यह बूंदी से पूर्व दिशा की ओर से 44 किलोमीटर , लाखेरी से 21  किलोमीटर  तथा कोटा से 65 किलोमीटर की दूरी  पर स्थित है
Goontha is a medium size village located in Keshoraipatan of Bundi district, Rajasthan with total 119 families residing. The Goontha village has population of 540 of which 288 are males while 252 are females as per Population Census 2011. 

In Goontha village population of children with age 0-6 is 70 which makes up 12.96 % of total population of village. Average Sex Ratio of Goontha village is 875 which is lower than Rajasthan state average of 928. Child Sex Ratio for the Goontha as per census is 707, lower than Rajasthan average of 888. 

Goontha village has lower literacy rate compared to Rajasthan. In 2011, literacy rate of Goontha village was 51.70 % compared to 66.11 % of Rajasthan. In Goontha Male literacy stands at 70.04 % while female literacy rate was 31.39 %.

As per constitution of India and Panchyati Raaj Act, Goontha village is administrated by Sarpanch (Head of Village) who is elected representative of village. 


आंकड़े 2011 के अनुसार 

ParticularsTotalMaleFemale
घरों की  संख्या 119--
जनसंख्या 540288252
बच्चे  (0-6)704129
Schedule Caste552827
Schedule Tribe1276760
साक्षरता 51.70 %70.04 %31.39 %
कुल मजदूर 283154129
मुख्य मजदूर 13300
Marginal Worker15027123





welcome to Goontha

इस ब्लॉग में आपका  हार्दिक स्वागत है 

         

         मेरा नाम है लोकेश नागर


   इस ब्लॉग में हम गूँथा  गांव बारे में  जानेंगे 

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